फायर इंजीनियरिंग विभाग
महाविद्यालय ने वर्ष 1978 में बी.टेक (फायर इंजीनियरिंग) कार्यक्रम की शुरुआत की, जो राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न अग्नि जोखिम संभावित संगठनों के लिए तकनीकी रूप से दक्ष फायर इंजीनियर तैयार करना था।
भारत सरकार ने इस प्रयास को और सशक्त किया जब वर्ष 2010 में उन्नयन योजना को स्वीकृति दी गई और उसे लागू करते हुए राष्ट्रीय अग्निशमन सेवा महाविद्यालय को विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित किया गया। वर्तमान में, एनएफएससी के पास 43 एकड़ में फैला परिसर है जिसमें अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, कक्षाएं तथा प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इसके साथ ही, बी.टेक (फायर इंजीनियरिंग) पाठ्यक्रम को भी और अधिक उन्नत किया गया है, ताकि इंजीनियरिंग कौशल से युक्त युवाओं को प्रशिक्षित कर देश के प्रत्येक कोने में उच्चतम अग्नि सुरक्षा मानकों को लागू किया जा सके।