आईक्यूएसी (IQAC) की स्थापना का मूल उद्देश्य, प्रत्यायन (accreditation) के पश्चात गुणवत्ता बनाए रखने के उपाय के रूप में, संस्थान के शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रदर्शन में सुधार हेतु एक जागरूक, सुसंगत और उत्प्रेरक प्रणाली का विकास करना है, ताकि सभी हितधारकों को संस्थान में प्रदान किए जा रहे गुणवत्ता एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों के प्रति आश्वस्त किया जा सके।
गुणवत्ता संवर्धन एक निरंतर प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य संस्थान के प्रयासों और सीमाओं को शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में प्रवाहित करना है। यह गुणवत्ता संवर्धन कार्यक्रमों और प्रथाओं के आंतरिककरण (internalization) और संस्थानीकरण (institutionalization) की प्रक्रिया है, जो या तो अन्य संस्थानों से अनुकरण की जाती हैं या नवाचार के माध्यम से स्वयं विकसित की जाती हैं।
यह एक गुणवत्ता पोषक गतिविधि है, न कि एक नियंत्रण प्रणाली। इसकी सफलता संस्थान के सभी घटकों में सहभागिता और अपनत्व की भावना उत्पन्न करने पर निर्भर करती है। यह संस्थान की एक सहायक और सहभागी इकाई के रूप में कार्य करती है और इसे गुणवत्ता और उत्कृष्टता लाने के एक माध्यम (vehicle) के रूप में देखा जाना चाहिए, जो संस्थान की कमियों को दूर करने और गुणवत्ता को बढ़ाने हेतु हस्तक्षेप रणनीतियाँ (intervention strategies) विकसित करती है।