इसलिए, हर विद्यार्थी जो फायर इंजीनियर बनने की इच्छा रखता है, उसे विभिन्न प्रकार की प्रयोगशालाओं और उनके कार्यप्रणाली से परिचित होना चाहिए।
प्रयोगशालाएँ व्यावहारिक शिक्षा को सरल बनाने और पूरे फायर इंजीनियरिंग कार्यक्रम के दौरान हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण को सहज एवं सुलभ बनाने में अत्यंत आवश्यक भूमिका निभाती हैं।
फायर इंजीनियरिंग विभाग व्यावहारिक शिक्षा के माध्यम से उन्नत अध्ययन पर विशेष बल देता है। इसके अंतर्गत विभाग प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरणों को निरंतर शामिल कर रहा है तथा परिसर में प्रयोगशालाओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि कर रहा है।
विभाग के प्रशिक्षित संकाय सदस्य छात्रों को इन प्रयोगशालाओं का अधिकतम लाभ उठाने में सहायता करते हैं। वे न केवल विद्यार्थियों को उपकरणों के प्रयोग में दक्ष बनाते हैं, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन की परिस्थितियों के लिए भी तैयार करते हैं, जिससे वे फायर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में व्यावहारिक रूप से सशक्त बन सकें।
अब फायर इंजीनियरिंग विभाग ने फायर इंजीनियरिंग छात्रों को सशक्त बनाने के लिए तेरह (13) अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का विकास किया है।
विभाग के पास निम्नलिखित विशेषज्ञता विषयों पर सुव्यवस्थित और सुसज्जित प्रयोगशालाएं उपलब्ध हैं।
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क्र. सं. |
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1. |
बेसिक इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन प्रयोगशाला |
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2. |
वर्कशॉप टेक्नोलॉजी प्रयोगशाला |
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3. |
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4. |
फ्लूड मैकेनिक्स और हाइड्रॉलिक मशीनरी प्रयोगशाला |
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5. |
बेसिक इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोल प्रयोगशाला |
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6. |
बेसिक केमिस्ट्री प्रयोगशाला |
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7. |
बेसिक फिजिक्स प्रयोगशाला |
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8. |
बिल्डिंग मैटेरियल्स एंड स्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी प्रयोगशाला |
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9. |
फायर टेस्ट प्रयोगशाला |
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10. |
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11. |
इंजीनियरिंग ड्राइंग प्रैक्टिस प्रयोगशाला |
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12. |
कंप्यूटिंग प्रयोगशाला |
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13. |
पैरामेडिक्स प्रयोगशाला |